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नई दिल्ली (एजेंसी)। अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने संघीय लोकसेवा आयोग (यूपीएससी) और प्रादेशिक लोक सेवा आयोगों (पीएससी) में अल्पसंख्यक समुदायों के प्रतिनिधित्व को ‘बहुत कम’ बताते हुए इसे बढ़ाने का प्रयास करने की बात कही है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय से जुड़ी संसद की स्थायी समिति की ओर से संसद में पेश रिपोर्ट में अल्पसंख्यक मंत्रालय की ओर से यूपीएससी और पीएसी में अल्पसंख्यकों की नुमाइंदगी को बढ़ाने के लिए एक विशेष योजना शुरू करने की जानकारी दी गई है।
बसपा सांसद दारा सिंह चौहान की अध्यक्षता वाली इस समिति से मंत्रालय ने कहा है कि साल 2012-13 से यूपीएससी- एसएससी और पीएससी की प्राथमिक परीक्षाएं उत्तीर्ण करने वाले अल्पसंख्यकों को आगे की परीक्षाओं की तैयारी की सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए वित्तीय मदद दी जाएगी। बीते चार मई को घोषित हुए यूपीएससी के नतीजों में उत्तीर्ण हुए कुल 910 पीरक्षार्थियों में महज़ 28 मुस्लिम समुदाय से हैं। समिति के अनुसार मंत्रालय ने उसे बताया, ‘इस तरह की उच्च सरकारी सेवाओं में अल्पसंख्यक समुदायों का प्रतिनिधित्व उनकी आबादी के हिसाब से बहुत कम है। प्राथमिक परीक्षाओं को उत्तीर्ण करने वाले छात्रों को वित्तीय मदद देने वाली योजना का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि उपयुक्त उम्मीवारों को जरूरी सुविधाएं मिल सकें।’ इस योजना के संदर्भ में मंत्रालय ने इस वित्तीय वर्ष के लिए चार करोड़ रुपए का प्रावधान करने की बात कही है। योग्य छात्रों को सीधे वित्तीय मदद मुहैया कराई जाएगी। वैसे उच्च सरकारी नौकरियों और खासकर लोक सेवा जैसे प्रतिष्ठित क्षेत्रों में अल्पसंख्यकों की कम भागीदारी की बात समय-समय पर उठती रही है। इसको लेकर राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग भी कई बार अपनी चिंता जाहिर कर चुका है।
इस बार की यूपीएससी परीक्षा में अल्पसंख्यकों के लिए काम करने वाले गैर सरकारी संगठन ‘जकात फाउंडेशन ऑफ इंडिया’ के जरिए प्रशिक्षण पाने पाले चार मुस्लिम युवकों का चयन हुआ है। इस संगठन के प्रमुख जफर महमूद ने कहा, ‘इस बार 28 अल्पसंख्यक उर्त्तीण हुए हैं लेकिन यह आंकड़ा 80-90 का होना चाहिए। इसके लिए मुस्लिम समुदाय के बीच लोक सेवा को लेकर जागरूकता बढ़ानी पड़ेगी। सरकार की मदद के साथ इस समुदाय को खुद भी आगे आना होगा। अभी कम संख्या में मुस्लिम इस परीक्षा में बैठते हैं। इसे बढ़ाना होगा।’
लोकसेवा के लिए प्रयासरत छात्रों की मदद करना अल्पसंख्यक मंत्रालय की उन नौ योजनाओं में से एक है जिन्हें साल 2012-13 के लिए प्रस्तावित किया गया है। इसमें अल्पसंख्यक केंद्रित जिलों-इलाकों में मदद बढ़ाना, अल्पसंख्यक केंद्रित ग्रामीण विकास कार्यक्र म, कक्षा नौ की अल्पसंख्यक छात्राओं को मुफ्त साइकिलें बांटना और महिला नेतृत्व कार्यक्र म शुरू करना प्रमुख है। संसद की स्थायी समिति ने मंत्रालय की ओर से मौजूदा योजनाओं के लिए पूरे पैसे का इस्तेमाल नहीं होने पर असंतुष्टि जताई है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय से जुड़ी संसद की स्थायी समिति ने संसद में पेश की रिपोर्ट समिति के अनुसार उच्च सरकारी सेवाओं में अल्पसंख्यक समुदायों का प्रतिनिधित्व उनकी आबादी के हिसाब से बहुत ही कम है यूपीएससी-एसएससी और पीएससी की प्राथमिक परीक्षाएं उत्तीर्ण करने वाले अल्पसंख्यकों को आगे की परीक्षाओं की तैयारी के लिए वित्तीय मदद दी जाएगी


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